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गुरुवार, 22 सितंबर 2011

एक आवाज़ ने कानों को स्पर्श किया

एक आवाज़ ने
कानों को स्पर्श किया
मन में 
सुखद आभास हुआ
ह्रदय में अपनत्व का
संचार हुआ
निरंतर शून्यता में
स्पंदन हुआ
लगा कोई अपना फिर
लौट आया
एक पवित्र रिश्ते का
शुभागमन हुआ
बिछडों का मिलन
हुआ
22-09-2011
1539-110-09-11

2 टिप्‍पणियां:

  1. induravisinghj has left a new comment on your post "एक आवाज़ ने कानों को स्पर्श किया":

    बहुत ही प्यारी कविता है अपनत्व एवं स्नेह से सचंरित.

    उत्तर देंहटाएं