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मंगलवार, 6 सितंबर 2011

कंगाली में जी रहे बीते दिनों के एक मशहूर अभिनेता का निधन हुआ

(व्यंग्य )
कंगाली में जी रहे
बीते दिनों  के
एक मशहूर अभिनेता का
निधन हुआ
सभी नामी गिरामी
अभिनताओं की सूरत का
उनके दाह संस्कार के
अवसर पर दिखना हुआ
सफ़ेद कपडे पहने
सब के सब निरंतर
दिवंगत अभिनेता की
प्रशंसा के पुल बाँध रहे थे
एक पत्रकार से  रहा
नहीं गया
आज के एक प्रसिद्द
अभिनेता से उसने
प्रश्न  किया
क्यों उन्हें बरसों से
कंगाली में जी  रहे
बीमारी से झूझ रहे
अभिनेता का ध्यान
नहीं आया
अभी शूटिंग पर जाना है
इस विषय पर
कभी और बात करेंगे
कह कर अभिनेता
आगे बढ़ गया
पत्रकार का सवाल
अनुत्तरित रह गया
मन विषाद से भर गया
आज के सत्य का
एक रूप
पता चल गया
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 

व्यंग्य 
06-09-2011
1459-31-09-11

1 टिप्पणी:

  1. एक बेहद कड़वा सच और.........कलाकारों की दुनिया का विद्रूप रूप दिखाती रचना. उगते सूरज को सब सलाम करते हैं फिल्म जगत ही नही दुसरे कला के क्षेत्र मे भी यही होता है.गुमनामी के अँधेरे मे खोये कलाकार को कोई नही पूछता. यथार्थवादी कविता .

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