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मंगलवार, 2 अगस्त 2011

दुःख में रोना छोड़ दो,पीर परायी जान लो

दुःख में रोना छोड़ दो
पीर परायी जान लो
दूसरों के दुःख पहचान लो
एक कंधा उनको भी दो
पीड़ा उनकी कम करो
खुद भी थोड़ा हँस लो
सुख दुःख जीवन के रंग
चलते सदा संग संग
रोना कोई उपाय नहीं
सब्र का जवाब नहीं
हिम्मत सब्र से काम लो
ईश्वर को याद करते रहो 
जीवन में आगे बढ़ते रहो 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
दुःख,जीवन,जीवन मन्त्र,पीर पीर परायी ,हिम्मत,सब्र 
02-08-2011
1293-15-08-11

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