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शुक्रवार, 26 अगस्त 2011

जो आज हुआ पहले भी कई बार हुआ

जो आज हुआ
पहले भी कई बार हुआ
जो चाहा
वो मिल ना सका
न हताश हुआ 
ना निराश हुआ
कोशिश में लगा रहा
निरंतर यकीन में
जीता रहा
उम्मीद में चलता रहा
कभी तो कुछ ऐसा होगा
जो पहले ना हो सका
जो भी अब होगा 
अच्छा होगा
सोच कर जीता रहा 
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
26-08-2011
1396-118-08-11

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 

1 टिप्पणी:

  1. उम्मीद में चलता रहा
    कभी तो कुछ ऐसा होगा
    जो पहले ना हो सका
    जो भी होगा अब
    अच्छा होगा
    सोच कर जीता रहा
    yahi soch kar bas jeevan chalta raha.........
    aapki kavita ko bar bar padne ka maan karta raha ....

    उत्तर देंहटाएं