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मंगलवार, 30 अगस्त 2011

हँसमुखजी आफत में फंस गए (हास्य कविता )


 
हँसमुखजी
बुखार से पीड़ित क्या हुए
आफत में फंस गए
इलाज के लिए हकीमजी के
पास पहुँच गए
हकीमजी ने काढा पीने की
सलाह दी 
काढ़े से कब्ज हो जाता है
हँसमुखजी ने अपना डर
बताया
कब्ज के लिए जुलाब
ले लेना
हकीमजी ने समाधान
सुझाया  
हँसमुख जी बोले
पिछली बार जुलाब से
खुजली हो गयी थी
हकीमजी ने उत्तर दिया
खुजली के लिए हरड
घिस कर लगा लेना
हँसमुख जी परेशान
होने लगे
बुखार के साथ सर दर्द भी
होने लगा
खीजते हुए कहने लगे
पहले भी हरड घिस कर
लगाई थी
खुजली तो चली गयी
पर फुँसिया हो गयी थी
हकीमजी हँस कर बोले
फुंसियों की चिंता मत करो
मेरा बनाया चूरन
खा लेना
तीन दिन में ठीक हो
जाओगे
हँसमुख जी बाल नोचने लगे
रुआंसे हो कर कहने लगे
चूरन  पहले भी खाया था
उसे रिऐक्शन हो गया था
तेज़ बुखार आया था
बहुत दिन तक ठीक
नहीं हुआ
हकीम जी ने पान चबाते हुए
पीक मुंह से लटकाते हुए
जवाब दिया
अमाँ यार क्यों चिंता करते हो
बुखार हो जाए तो
किसी डाक्टर को दिखा लेना
दो दिन में ठीक हो
जाओगे
30-08-2011
1416-138-08-11

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