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शनिवार, 13 अगस्त 2011

बीस साल की कन्या ने हँसमुखजी को बुड्ढा कह दिया (हास्य कविता)

बीस साल की कन्या ने

हँसमुखजी को बुड्ढा

कह दिया
उनकी जवानी को

ललकार दिया

हँसमुखजी से बर्दाश्त

नहीं हुआ
उनका पारा चढ़ गया
बाहें चढाते हुए ,

पोपले मुंह से
लडकी को करारा

जवाब दिया
बुड्ढा होगा तेरा बाप
नादान लडकी तूं मुझे

पहचानती नहीं है
तेरे बाप के बाप को भी

मैंने स्कूल में पढ़ाया था
उसकी बरात में भी

गया था
निरंतर आधा पाँव दूध

रोज़ पीता हूँ
अपनी जवानी को

बरकरार रखता हूँ
फिर भी तूने मुझे

बुड्ढा कह दिया

13-08-2011

1358-80-08-11

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