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गुरुवार, 4 अगस्त 2011

हँसमुख जी जीवट वाले इंसान थे (हास्य कविता )

हँसमुख जी
जीवट वाले इंसान थे
मगर भूत प्रेत के
किस्सों से
और बाल कटाने से
बहुत डरते थे
शहर के सारे नाइयों में
उनके डरने के किस्से
मशहूर थे
जब भी नाइ के पास जाते

बगैर भूत प्रेत का
किस्सा सुनाये
उनके बाल नहीं काटे जाते
निरंतर परेशान हो कर

नाइयों की संस्था के
अध्यक्ष के घर
सुबह सुबह जा पहुंचे
अपनी व्यथा का बयान
करने लगे
सारी बात सुन कर
अध्यक्ष जी बोले
मेरे भाई बंध आपको
डराने के लिए नहीं
बाल आसानी से
कट जाए
इसलिए भूत प्रेत के
किस्से सुनाते हैं
आपके बाल बहुत
कड़क हैं
डर में खड़े हो
जाते हैं
आसानी से कट
जाते हैं

04-08-2011

1303-25-08-11

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