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शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

कुछ तो है उनमें ,जो किसी और में नहीं

कुछ तो है उनमें

जो किसी और में नहीं

उनके अंदाज़ का कहीं

कोई सानी नहीं

बात हुस्न-ओ-इश्क

की नहीं

ना ही कोई मजबूरी

उनका

जादू ही कुछ ऐसा है

कि दिल मानता नहीं

नाम जहन में आते ही

दिल में कुछ होता है

लाख रोको,रुकता नहीं

निरंतर

उनसे मिलने की

जिद करता है

05-08-2011

1308-30-08-11


7 टिप्‍पणियां:

  1. Nice post.

    आपके बोल हैं प्यारे प्यारे
    लेकिन हमारा लिंक है न्यारा न्यारा
    यक़ीन न आए तो ख़ुद देख लीजिए
    बिना लाग लपेट के सुना रही हैं खरी खरी Lady Rachna

    उत्तर देंहटाएं
  2. प्रेममयी भावों का सुन्दर चित्रण...

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो
    चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

    उत्तर देंहटाएं