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मंगलवार, 9 अगस्त 2011

वो दोनों मिले ,मिल कर हम दोनों हुए

वो दोनों मिले

मिल कर हम हुए

प्रेम के संसार का

सृजन हुआ

परिणीति में

प्रेम फल उत्पन्न

हुआ

जीवन दोनों का

सार्थक हुआ

दो से तीन हुए

जीवन को

अर्थ मिल गया

निरंतर

माँ को ममत्व का

पिता को पितृत्व का
कर्तव्य निभाने का

एक जीवन को

संवारने का

सुखद अवसर

प्राप्त हुआ

09-08-2011

1325-47-08-11

2 टिप्‍पणियां:

  1. Aap meri blog par aaye sabse pahle iskeliye aabhar..aur aakar aapne is
    khushi ke mauke par itni achhi rachna hamare liye prastut kee, iske
    liye tahedil se bahut bahut shukriya...
    sach bachhon ke hone se hi hamen vastvik jeewan ka pata chalta hai....
    Saadar

    उत्तर देंहटाएं