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बुधवार, 31 अगस्त 2011

माँ थोड़ी दूर मेरे साथ चलो

माँ
थोड़ी दूर मेरे 
साथ चलो
थोड़ी सी हिम्मत 
दे दो
थोड़ा साहस 
बढ़ा दो
थोड़ा सहारा दे दो
चलने का तरीका
सिखा दो
ना थकने का 
रास्ता बता दो
गड्डों से बचने की
विधि समझा दो
माँ थोड़ी दूर मेरे 
साथ चलो
चलने का कारण
समझा दो
गिर कर फिर 
उठ सकूँ
निरंतर चल सकूँ
वो ढंग बता दो
मुझे मंजिल का 
पता बता दो
माँ थोड़ी दूर मेरे
साथ चलो
31-08-2011
1422-144-08-11

2 टिप्‍पणियां:

  1. Dr.sunil kumar ने कहा…

    अति सुंदर.... माँ के लिए ऐसी उपमा मैंने इससे पहले कही नहीं देखी... धन्यवाद मै धन्य हुआ ....
    १ सितम्बर २०११ १०:२१ अपराह्न

    उत्तर देंहटाएं
  2. माँ . जो चहरे की सिकन देख के मनोभावों को ताड़ लेती है, उस माँ को मेरा सत सत नमन. माँ से कहना नहीं पड़ेगा, वो हर वक़्त साथ होती हैं. भले ही हम साथ छोड़ दें.
    -----------------------------
    मुस्कुराना तेरा
    -----------------------------
    अन्ना जी के तीन....

    उत्तर देंहटाएं