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रविवार, 28 अगस्त 2011

कैसे कह सकते हो तुम ?

हमारे बीच
कोई रिश्ता नहीं है
कैसे कह सकते हो तुम ?
ये बात ज़रूर है
की तुम मुझे जानते नहीं
मुझे पहचानते नहीं
मुझ से कभी मिले नहीं
तुमने सिर्फ
मेरी तस्वीर देखी है
इतना ज़रूर जानता हूँ
मैं तुम्हारा
तुम मेरा इंतज़ार
करते हो
मिलने की ख्वाइश
रखते हो
कुछ आपस में बाँट लें
ये हसरत दिल में
रखते हो
ये मेरा अंदाज़ नहीं
मेरे दिल की आवाज़ है
जो झूठ नहीं हो सकती
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
28-08-2011
11409-131-08-11

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