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शनिवार, 23 जुलाई 2011

चेहरे से मुस्कान हटती नहीं

याद उनकी निरंतर

सताती

वो हैं की लौटती नहीं

उम्मीद कम होती नहीं

जान भी निकलती नहीं

रोने की

मुझे आदत नहीं

चेहरे से

मुस्कान हटती नहीं

दुनिया समझती

मुझे कोई गम नहीं

उनसे जुदायी

मौत से कम नहीं

फूल खिला ज़रूर पर

महक नहीं

सांसें चलती ज़रूर

पर जीने की

ख्वाइश नहीं

23-07-2011

1218-98-07-11

2 टिप्‍पणियां:

  1. इतनी गहरी वेदना...
    शब्द ही नहीं मिल रहे...
    आज मैं चुप हूँ,चुप तुम भी आज रहना...

    उत्तर देंहटाएं
  2. इतनी गहरी वेदना...
    शब्द ही नहीं मिल रहे...

    उत्तर देंहटाएं