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बुधवार, 27 जुलाई 2011

ये कैसे हो सकता ?

वक़्त ने

साथ नहीं दिया

किसी और की

हो गयी

तो क्या फर्क पड़ता ?

दिल उसका अब भी मेरा

निरंतर उसे याद ना करूँ

ये कैसे हो सकता ?

मैं जीऊँ ,उसे मरने दूं

ये कैसे हो सकता ?

सुना है

ज़िन्दगी के बाद भी

ज़िन्दगी होती

यहाँ ना मिले

वहां भी ना मिलेंगे

ये कैसे हो सकता ?

27-07-2011

1242-122-07-11

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