ADVERTISEMENT

Bookmark and Share

Register To Recieve Latest Poems On Your Email or Mobile

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile Bookmark and Share

सोमवार, 27 जून 2011

जो भी मिला ,जब भी मिला ,कुछ ना कुछ मुझे दिया

जो भी मिला
जब भी मिला
 कुछ ना कुछ 
मुझे दिया
 किसी ने प्रेम का 
पाठ पढ़ाया
किसी ने नफरत का
अर्थ समझाया
किसी ने 
इंसानी फितरत से
परिचय कराया
किसी ने हंसना 
सिखाया
किसी ने जी भर 
रुलाया
ग़मों को हल्का 
करना सिखाया
किसी ने स्वाभिमान से
  जीना सिखाया   
निरंतर सीखता हूँ 
दिल दिमाग खुला
रखता हूँ
नया सिखाने वाले का
इंतज़ार करता हूँ
हर देनेवाले को
धन्यवाद देता हूँ
27-06-2011
1105-132-06-11

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें