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शनिवार, 18 जून 2011

पहला प्यार


पहली बार
 जिस को चाहा
जुदा होने के बाद भी
ख्याल उसका  ही आता
निरंतर
सवाल खुद से  करता हूँ
क्या गुनाह किया ?
जो जुदा उससे हुआ
लाख दिल को समझाता हूँ
क्यों उसे नहीं भूलता हूँ ?
फिर खुद ही जवाब देता हूँ
शायद दिल का सौदा
बार बार नहीं होता
मन भले ही लगा लो
चाहे वक़्त भी गुजार लो
साथ हंसलो साथ गा लो
कोशिश कितनी भी
कर लो   
जो बस गया दिल में
इक बार
फिर नहीं निकलता
दबे पाँव
ख्यालों ख़्वाबों में
आता रहता
पहले प्यार जैसा प्यार
दोबारा नहीं होता
पहला प्यार ही असली
प्यार होता
18-06-2011
1070-97-06-11

1 टिप्पणी:

  1. दबे पाँव ख्यालों में रहता है |
    ये जो खून है
    शिराओं में
    उन्हीं के संग बहता है ||
    बड़ा प्रेसर सहता है ||
    कभी हाई कभी लो |
    आ जाओ तुम भी
    कुछ बोलो ||

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