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शुक्रवार, 24 जून 2011

पहले देश भक्त नेता होते थे,अब नेता देश के दुश्मन होते हैं

हम तरक्की कर रहे हैं
निरंतर
तरक्की के नए आयाम
स्थापित कर रहे हैं
विकास शील देश से
विकसित देश में 
बदल रहे हैं
पहले क़त्ल रात में 
होते थे
अब दिन दहाड़े होते हैं
पहले बलात्कार
कभी कभास होते थे
अब खुले आम होते हैं
पहले गुंडों से 
बचने के लिए
पुलिस के पास 
जाते थे
अब दोनों से बचने 
के लिए
भगवान् से प्रार्थना 
करते हैं
पहले माँ बाप की 
इज्ज़त करते थे
अब माँ बाप 
इज्ज़त को तरसते हैं
पहले देश भक्त नेता
होते थे
अब नेता देश के दुश्मन
होते हैं
24-06-2011
1095-122-06-11

1 टिप्पणी:

  1. aap 100% sach kah rahe hain...lekin in netaaon ko kabhi sharm aayegi, aisa lagta nahin

    aapka kaavya umda hai

    waah !

    उत्तर देंहटाएं