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रविवार, 12 जून 2011

हकीकत कब तक छुपाओगे,जनता के दरबार में इक दिन तो आओगे


झूठ पर झूठ बोल रहे हो
नफरत के बीज बो रहे हो
भोले भाले लोगों को
निरंतर बरगला रहे हो
देश को इतना लूटा तुमने
फिर भी बाज़ नहीं आ रहे हो
चोरों को बचा रहे हो
अन्ना,रामदेव को गाली देने वालों
कब तक बचोगे,बचाओगे
हकीकत कब तक छुपाओगे
जनता के दरबार में
इक दिन तो आओगे
जितना मुस्करा रहे हो
उस से ज्यादा रोओगे
इक दिन तो पर्दाफ़ाश होगा
दूध का दूध 
पानी का पानी होगा
एक एक पाई का 
हिसाब देना होगा
बहुत को जेल में जाना होगा
देश भक्तों के चोले में
छुपे भेडीयों का चेहरा 
आम होगा
जनता के कोप को 
सहना होगा
कर्मों की सज़ा को 
भुगतना होगा
12-06-2011
1038-65-06-11

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