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गुरुवार, 2 जून 2011

अधर्म का धर्म में कोई स्थान नहीं होता

धर्म जीवन में 
आशाएं लाता
मरने से पहलेइंसान को 
क्या और कैसे करना बताता
अधर्म से दूर रहना
समझाता
निरंतर परमात्मा के
करीब लाता
"मेरा" और "तेरा" को
"हमारा" बनाना
सिखाता
निरंतर परमात्मा
और इंसान के
बीच की दूरी कम करता
नाम कोई भी हो धर्म
धर्म होता
अधर्म का धर्म में कोई
स्थान नहीं होता
 डा.राजेंद्र तेला,निरंतर,  
02-06-2011
988-15-06-11

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