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सोमवार, 6 जून 2011

ज़िन्दगी भर बिना बीबी के काम चला लूंगा

उनसे 
मोहब्बत करने लगा
मेलजोल बढ़ने लगा
ज़िन्दगी साथ गुजारने का
ख्वाब देखने लगा
बात दिल की उन्हें बतायी
मान मनव्वल करता रहा
हर तरीका आजमाता रहा
तोहफों से नवाजता रहा
निरंतर कोशिश करते करते
थक गया
उन्होंने ने जवाब नहीं दिया
आखिर तंग आ गया
उनका हाथ पकड़ लिया
हर हाल में जवाब सुनना है
ठान कर बैठ गया
बहुत देर बाद
उन्होंने धीरे से कहा
पांच बार बेवा हो चुकी हूँ
छटवी की तैयारी है 
बस कुछ दिनों में छटवे की
मौत भी होने वाली है
बस उसके बाद तुम्हें हाँ
कहने वाली हूँ
मैं घबरा गया ,
सर पकड़ कर बैठ गया
कसम खाली फिर मोहब्बत
नहीं करूंगा
हो भी जाए तो शादी की बात
नहीं करूंगा
ज़िन्दगी भर बिना बीबी के
काम चला लूंगा  
06-06-2011
     1012-39-06-11    

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