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सोमवार, 27 जून 2011

चक्रव्यूह टूटे ना टूटे,जीवन खुशी से जीना होगा

खुश रहना चाहते हो
कठिनाइयों का चक्रव्यूह 
तोड़ना चाहते हो  
कितने चक्रव्यूह तोड़ोगे
एक तोड़ोगे
खुश होगे,उससे पहले
दूसरे में फसोगे
चक्रव्यूह
कभी नहीं टूटता
अभिमन्यु ने तोड़ा था
दूसरे में फँस गया था
जान से हाथ धोया था
जीवन चक्रव्यूह  से
कम नहीं होता
हर दिन ,
नया चक्रव्यूह बनता
निरंतर
इंसान फंसा रहता
जीवन के साथ ही
चक्रव्यूह पूरी तरह टूटता
चक्रव्यूह में
फंसते हुए भी खुश
रहना होगा
चक्रव्यूह टूटे ना टूटे
जीवन
खुशी से जीना होगा
27-06-2011
1104-131-06-11

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