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शुक्रवार, 15 अप्रैल 2011

उन्हें हमारा ख्याल तो आया

वो हमारी मौत पर
चुपके से घर आये
कुछ फूल ज़नाज़े पर
चढ़ाए
कुछ अश्क आँखों से
गिराए
दबे पैर चले गए
हम ऊपर से उन्हें
देखते रहे
उन्हें हमारा ख्याल तो
आया
निरंतर इस में ही खुश
होते रहे 
15-04-2011
675-108-04-11

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