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रविवार, 10 अप्रैल 2011

नारी -शक्ति को निरंतर नमन

किसी की बेटी,
किसी की
पत्नी माँ बहन हो
दुनिया को
खुदा का तोहफा हो
उचित सम्मान
तुम्हें कभी मिला नहीं
हमेशा कमज़ोर
समझी गयी
इंसान को जन्म
तुम्ही देती हो
पाल पोस बड़ा
तुम्ही करती हो
जिस्म की ताकत
भले ही कम तुम्हारी
हिम्मत होंसला हूनर
मगर कम नहीं
सब्र और प्रेम
कोई सीखे तुमसे
हालात से लड़ना
जाने तुमसे
माँ बहन पत्नी
देवी रूप तुम्हारे
पुरुषों के कंधे से
कन्धा मिला कर
चलती हो
कर्म कर्तव्य स्नेह
के सौंदर्य से परिपूर्ण 
नारी -शक्ति को
शत शत नमन
दिल-ओ-जान
न्योछावर तुम पर
डा.राजेंद्र तेला,निरंतर 
09-04-2011
637-70-04-11

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