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मंगलवार, 12 अप्रैल 2011

हँसमुखजी गाय के प्रस्ताव से घबरा गए


हँसमुखजी

अपनी गाय को बहुत
चाहते थे
उसकी खूब सेवा करते
उसे नहलाते धुलाते
मालिश करते ,घुमाने ले जाते
अपने हाथों से चारा खिलाते
गाय उनकी निरंतर सेवा से
बहुत प्रभावित थी
एक दिन हंसमुखजी से बोली
आप मुझे इतना चाहते हो
मुझ से शादी कर लो
हंसमुख जी
गाय के प्रस्ताव से घबरा गए
फ़ौरन वहाँ से भाग खड़े गए
सामने भैंस सब सुन रही थी ,
 रास्ता रोक कर खड़ी थी
कहने लगी गाय पसंद नहीं तो
मुझ से कर लो
इस तरह दिल तो ना तोड़ो
हंस मुख जी ने छलांग
लगायी
बड़ी मुश्किल से जान
बचायी
12-04-2011
657-90-04-11

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