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शनिवार, 2 अप्रैल 2011

दोस्त ही दोस्त की बात समझता


किस्मत वालों को
अच्छा  दोस्त मिलता
दोस्त 
चुना जा सकता
रिश्तेदार
सौगात में मिलता
नहीं भाये
तो भी ढोना पड़ता
उम्र और लिंग से
भेद ना होता  
सारे राज़ दिल में
जज्ब रखता
मुश्किल वक़्त में
साथ निभाता
सोच समझ कर
सलाह देता
बिना दोस्त
दोस्त का मन ना
लगता
मिले बिना दिन
व्यर्थ लगता
दोस्त ही  दोस्त की
बात समझता
निरंतर यकीन सिर्फ
दोस्त पर रखता
02-04--11
583—16 -04-11

2 टिप्‍पणियां: