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गुरुवार, 28 अप्रैल 2011

मैना बोली तोते से

मैना बोली तोते से
हमारी जात खान पान
रंग बोली बिरादरी
सब अलग अलग
हम विवाह बंधन में
कैसे बंध सकते हैं ?
तोता बोला
मनुष्यों के बीच रहते हैं
आवश्यक नहीं
उनका अनुसरण करें
आओ आज ही विवाह
बंधन में बंध जाएँ
मनुष्यों को भी सबक दें
निरंतर जात पांत पर
लड़ने वालों को
प्यार का अर्थ समझा दें

© डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
ज़ात पांत,विवाह,रंग,बोली,खान पान.बिरादरी,जीवन
28-04-2011
772-192-04-11
E

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