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बुधवार, 13 अप्रैल 2011

जब चेहरे पर मुस्कराहट ना होगी ,क्या देखेंगे सब ?

चेहरा
अभी चमक रहा
 हर शख्श 
मुझे देख रहा
जब तेज़ कम होगा
क्या देखेंगे सब ?
 अभी जवान हूँ 
जोश से भरा हूँ
दिनों दिन 
ऊपर चढ़ रहा
चढ़ते सूरज को
सलाम करते हैं सब
जब अस्त होगा 
सूरज मेरा
 क्या सलाम करेंगे सब ?
ऋतु ज़िन्दगी की 
निरंतर बदलती
 बहारें हमेशा साथ 
ना देती
खिजा के मौसम में
क्या फूल 
मुझे कोई देगा ?
 जब तक मुस्करा रहा 
देख रहे हैं सब
जब चेहरे पर
मुस्कराहट ना होगी
क्या देखेंगे सब ?
13-04-2011
664-97-04-11

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