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मंगलवार, 7 दिसंबर 2010

एकता से रह लो,प्यार से जी लो

एकता से रह लो,प्यार से जी लो

छोटी छोटी
चीटियाँ कतार में
कई गुना बड़े झींगुर को
नन्हे डंकों से खींच कर
ले जा रही हैं 
अन्य चीटियों के भोजन का
 प्रबंध कर रही हैं
झींगुर का बड़ा शरीर,
उन्हें विचलित नहीं करता
अन्य चीटियों के लिए
,भोजन प्रबंध करना
अच्छा लगता
एकाग्रचित्त कर्तव्य पथ पर
निरंतर आगे बढ  रहीं हैं
ना शोर ना ढिंढोरा
दिल और दिमाग को
झकझोर रहीं हैं
इंसान को छोटा बना रहीं हैं
कर्म और कर्तव्य का पाठ
पढ़ा रही हैं
शालीनता से कह रही हैं
जो इंसान,इंसान को नहीं
सिखा सका 
वो हम से सीख लो
मिलजुल कर कैसे रहते हैं
देख लो
एकता से रह लो,प्यार से जी लो
घमंड छोड़,खुले दिल से
एक दूसरे को स्वीकार
कर लो
07-12-2010

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