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शुक्रवार, 10 दिसंबर 2010

तरीके बदल गए,सलीके बदल गए

तरीके 
बदल गए
सलीके बदल गए
छात्र गुरु हो गए 
 बेटे बाप हो गए
जनसेवक भक्षक
हो गए
तौर तरीके नए 
हो गए
माँ बाप गैर 
हो गए
गैर अपने लगने लगे
लोग शादी बिना साथ
रहने लगे
आशिक निरंतर बदल रहे
डाक्टर कसाई हो रहे
अफसर भ्रष्टाचार के गढ़
हो गए
पकवान मिलावट से
भर गए
निरंतर नए काण्ड
हो रहे
तरीके बदल गए
सलीके बदल गए
10-12-2010

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